Sunday, September 22, 2019

बुराई को रोकना ईमान का हिस्सा है।

*बुराई से रोकना इमान का हिस्सा है*
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करीम आका सल्लललाहो अलैही वसल्लम फरमाते है जो कोई शख्स बुराई देखे तो अपने हाथो के जरिये इसे खतम करे 
और अगर ऐसा ना कर सके तो अपनी जबान के जरिये इसे रोकने की कोशिश करे 
और अगर ऐसा भी ना कर सके तो अपने दिल मे इसे बुरा समझे और यह *इमान का सबसे कमजोर दरजा है*
■सही मुस्लिम:85(177)■
फिर कलाम ए इलाही(कुरआन) मे भी यही फरमान मिलता है कि उम्मत ए मोहम्मद,उम्मतो मे सबसे बैहतरीन उम्मत है 
*"जिसकी एक वजह यह भी है कि यह उम्मत नैकी का हुक्म देते है और बुराई से मना करते है"*
■सूरह आले इमरान:110■

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